मुर्गियों की बुरी आदतें और उनके उपाय

मुर्गियों की बुरी आदतें और उनके उपाय

मुर्गियों की बुरी आदतें उनके स्वास्थ्य और उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती हैं। इन आदतों को पहचानना और उनके समाधान ढूंढना जरूरी है ताकि मुर्गियों का पालन ठीक से हो सके और उत्पादन में कोई कमी न आए। यहाँ कुछ सामान्य बुरी आदतें और उनके उपाय विस्तार से दिए गए हैं:

1. कैनिबलिज्म (एक दूसरे को चोट पहुँचाना)

मुर्गियों में कैनिबलिज्म एक गंभीर समस्या है जिसमें मुर्गियाँ एक-दूसरे को नोकती हैं और चोट पहुँचाती हैं। यह समस्या न केवल उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है बल्कि उत्पादकता को भी प्रभावित कर सकती है।

समस्या:

  1. नोकने और चोंच मारने से चोटें:
    • मुर्गियाँ एक-दूसरे को नोकती हैं जिससे घाव और रक्तस्राव हो सकता है।
    • गंभीर मामलों में, यह मृत्यु का कारण भी बन सकता है।
  2. तनाव और डर:
    • इस व्यवहार से अन्य मुर्गियों में तनाव और डर फैल सकता है, जिससे उनकी उत्पादकता कम हो जाती है।
  3. सामाजिक असमानता:
    • कमजोर मुर्गियों को अधिक नुकसान पहुँचता है और वे सामाजिक रूप से पिछड़ जाती हैं।

उपाय:

  1. चोंच ट्रिमिंग (Beak Trimming):
    • चोंच का कुछ हिस्सा ट्रिम करना एक सामान्य उपाय है जिससे नोकने की समस्या कम हो जाती है। इसे विशेषज्ञ की देखरेख में किया जाना चाहिए ताकि मुर्गियों को दर्द या अत्यधिक तनाव न हो।
  2. पर्याप्त स्थान और आश्रय (Space and Shelter):
    • मुर्गियों को पर्याप्त जगह और छिपने के स्थान उपलब्ध कराना चाहिए ताकि वे एक-दूसरे से दूर रह सकें। भीड़भाड़ से तनाव और आक्रामकता बढ़ती है।
  3. रंग का प्रबंधन (Light Management):
    • नीली या लाल रंग की रोशनी का इस्तेमाल करने से मुर्गियों की आक्रामकता कम हो सकती है। यह रोशनी उनके व्यवहार को शांत करने में मदद करती है।
  4. पोषण (Nutrition):
    • संतुलित और पोषक आहार देने से मुर्गियों का स्वास्थ्य और व्यवहार बेहतर होता है। प्रोटीन, विटामिन, और मिनरल्स की कमी से भी आक्रामकता बढ़ सकती है।
  5. समृद्धि सामग्री (Enrichment Materials):
    • मुर्गियों को व्यस्त रखने के लिए खिलौने, चारा या अन्य समृद्धि सामग्री उपलब्ध कराएं। इससे उनका ध्यान बंटेगा और वे एक-दूसरे को कम नुकसान पहुंचाएंगी।
  6. व्यवहार अवलोकन (Behavioural Observation):
    • मुर्गियों के व्यवहार पर नजर रखें और जो मुर्गियाँ आक्रामक होती हैं उन्हें अलग करें। इससे अन्य मुर्गियों को सुरक्षित रखा जा सकता है।
  7. पानी और भोजन की पर्याप्तता (Adequate Water and Food Supply):
    • यह सुनिश्चित करें कि पानी और भोजन की पर्याप्तता हो और सभी मुर्गियों को समान रूप से मिले। भोजन और पानी के लिए प्रतिस्पर्धा भी आक्रामकता का कारण बन सकती है।
  8. स्वास्थ्य जांच (Health Check):
    • नियमित रूप से मुर्गियों की स्वास्थ्य जांच करें ताकि किसी भी बीमारी या परजीवी संक्रमण का पता लगाया जा सके जो उनके व्यवहार को प्रभावित कर सकता है।

इन उपायों को अपनाकर मुर्गियों में कैनिबलिज्म की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है। सही प्रबंधन और देखभाल से मुर्गियों का स्वास्थ्य और उत्पादकता दोनों बेहतर हो सकते हैं।

2. पंख चोचना (Feather Pecking)

पंख चोचना (Feather Pecking) एक सामाजिक और प्रदूषण की समस्या है जो मुर्गियों में देखी जा सकती है। इसमें एक मुर्गी दूसरी मुर्गी के पंखों को चबाने लगती है, जिससे पंखों में क्षति होती है और अधिकतर तनावपूर्ण परिस्थितियों में इसकी चर्चा होती है।

समस्या:

  1. तनाव और आक्रामकता (Stress and Aggression):
    • अधिक भीड़ या आक्रामक मुर्गियाँ एक-दूसरे के पंखों को चोचने की क्रिया कर सकती हैं।
  2. पोषण की कमी (Nutritional Deficiencies):
    • कुछ मामलों में, पोषण की कमी भी इस समस्या का कारण बन सकती है। विटामिन और प्रोटीन की कमी अधिक चोचने की आदत को बढ़ा सकती है।
  3. समृद्धि की कमी (Lack of Enrichment):
    • कम समृद्धि वाले पर्यावरण में रहने के कारण मुर्गियाँ उबकाई कर सकती हैं, जिसमें यह समस्या उत्पन्न हो सकती है।
  4. बीमारियों का प्रकोप (Disease Outbreaks):
    • कुछ सामान्य बीमारियों के प्रकोप के दौरान, मुर्गियों की आदत में परिवर्तन आ सकता है, जिससे यह समस्या उत्पन्न हो सकती है।

उपाय:

  1. समृद्धि सामग्री (Enrichment Materials):
    • मुर्गियों को खिलौने, गहरे बालों वाले वस्त्र, और चारा बांधने के खिलौने प्रदान करें ताकि उनका मनोरंजन हो सके।
  2. पर्याप्त पोषण (Adequate Nutrition):
    • मुर्गियों को पर्याप्त पोषण प्रदान करें, जिससे उनमें आवश्यक विटामिन और प्रोटीन की कमी न हो।
  3. उचित आवास (Proper Housing):
    • मुर्गियों को पर्याप्त जगह और आराम के साथ ठिकाना दें, जिससे उनमें तनाव कम हो।
  4. सामूहिक आउटिंग (Group Outings):
    • मुर्गियों को समूहिक आउटिंग के अवसर प्रदान करें, जिससे वे अधिक व्यवस्थित रूप से व्यक्तिगत अवकाश का लाभ ले सकें।
  5. चोचने रोकें (Beak Trimming):
    • यदि आवश्यक हो, तो मुर्गियों के चोंच को ट्रिम करने का विकल्प विचारनीय है, जिससे उनकी आक्रामकता को कम किया जा सकता है।

इन उपायों के प्रयोग से, पंख चोचना की समस्या को समाधान किया जा सकता है और मुर्गियों की कल्याणकारी देखभाल को सुनिश्चित किया जा सकता है।

3. अंडे खाना (Egg Eating)

समस्या:

  • कुछ मुर्गियां अंडों को तोड़कर खाने लगती हैं, जो अंडों के उत्पादन में कमी और नुकसान का कारण बनती है। इस आदत का एक प्रमुख कारण आहार में लवण (सोडियम) की कमी भी हो सकती है।

उपाय:

  1. आहार में सुधार:
    • लवण की पूर्ति: सुनिश्चित करें कि मुर्गियों को उनके आहार में पर्याप्त मात्रा में लवण मिल रहा है। सोडियम की कमी को पूरा करने के लिए आहार में नमक की उचित मात्रा मिलाएं।
    • पोषण संतुलन: कैल्शियम, प्रोटीन और अन्य आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर आहार प्रदान करें ताकि मुर्गियों का स्वास्थ्य और अंडे देने की क्षमता बनी रहे।
  2. अंडे के तुरंत संग्रह (Prompt Egg Collection):
    • दिन में कई बार अंडों को इकट्ठा करें ताकि वे टूटने या मुर्गियों द्वारा खाए जाने से बच सकें।
  3. डमी अंडे (Dummy Eggs):
    • नकली अंडे या प्लास्टिक के अंडे घोंसलों में रखें। इससे मुर्गियों को असली अंडे तोड़ने और खाने की आदत छुड़ाई जा सकती है। नकली अंडे तोड़ने का प्रयास करने पर उन्हें खाने के लिए कुछ नहीं मिलेगा, जिससे वे इस आदत को छोड़ सकती हैं।
  4. अंधेरे घोंसले (Dark Nesting Boxes):
    • अंडे देने के स्थान को अंधेरा और सुरक्षित रखें। इससे मुर्गियां अंडे देने के बाद उन्हें देख नहीं पाएंगी और खाने की संभावना कम होगी।
  5. अंडों की गुणवत्ता में सुधार (Improve Egg Quality):
    • मजबूत खोल वाले अंडों के लिए आहार में कैल्शियम और विटामिन डी की मात्रा बढ़ाएं। कमजोर खोल वाले अंडे टूटने में आसान होते हैं और मुर्गियों द्वारा खाए जा सकते हैं।
  6. घोंसलों की संख्या बढ़ाना (Increase Nesting Boxes):
    • सुनिश्चित करें कि पर्याप्त संख्या में घोंसले उपलब्ध हैं ताकि मुर्गियों को अंडे देने के लिए पर्याप्त स्थान मिले और वे फर्श पर अंडे देने से बचें।
  7. व्यवहार अवलोकन (Behavioral Observation):
    • मुर्गियों के व्यवहार पर नजर रखें और जो मुर्गियां अंडे खाने की आदत विकसित कर रही हैं, उन्हें अन्य मुर्गियों से अलग करें।
  8. अंडे पर कड़वा पदार्थ (Apply Bitter Substance):
    • अंडों के खोल पर कड़वा पदार्थ लगाएं ताकि मुर्गियां उन्हें खाने से बचें। इससे वे अंडों का स्वाद लेना छोड़ सकती हैं।

4. अत्यधिक शोर मचाना (Excessive Noise Making)

समस्या:

  1. सामाजिक संगठन:
    • मुर्गियों के बारे में ज्यादातर यह समस्या उत्पन्न होती है जब एक मुर्गा अन्यों को अपनी प्राथमिकता के रूप में शांति का उल्लंघन करता है और अधिक शोर करता है।
  2. पर्यावरणीय कारण:
    • कई बार, अत्यधिक शोर का कारण उच्च ध्वनि वाले उपकरणों जैसे कि पंप, जेनरेटर, और अन्य संयंत्रों का उपयोग हो सकता है, जो मुर्गियों के आसपास स्थापित होते हैं।
  3. अन्य चिंताओं का प्रभाव:
    • कुछ मुर्गियों का अत्यधिक शोर करना स्थानीय परिवेश में स्थित अन्य जीवों के उत्सर्ग से प्रभावित हो सकता है, जो उनकी चिंताओं या परेशानियों का परिणाम हो सकता है।

उपाय:

  1. अलग अलग करना:
    • अगर किसी मुर्गे के अत्यधिक शोर का कारण उसका अविश्वासपना है, तो उसे अन्य मुर्गियों से अलग अलग किया जा सकता है।
  2. ध्वनि कम करें:
    • मुर्गियों के आसपास उच्च ध्वनि का स्रोत होने पर, ध्वनि कम करने के लिए सबसे प्रभावी उपायों में से एक है।
  3. पर्यावरण बनाएं:
    • मुर्गों के लिए एक शांत और सुखद आवास के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध कराएं।
  4. ध्यान दें:
    • मुर्गियों के साथ अधिक समय बिताकर और उनकी चिंताओं को समझकर, उन्हें शांतिपूर्ण रखने के लिए उपाय करें।
  5. चिकित्सा सलाह:
    • अगर अत्यधिक शोर का कारण रोग या मानसिक समस्या है, तो वेटरिनेरी सलाह लें और चिकित्सा उपचार करवाएं।

इन उपायों के माध्यम से, मुर्गियों में अत्यधिक शोर की समस्या को सुलझाया जा सकता है, जो उनकी कल्याणकारी देखभाल और स्थिति को सुधार सकता है।

5. फर्श पर अंडे देना (Floor Laying)

समस्या:

फर्श पर अंडे देना (Floor Laying) मुर्गियों की स्वाभाविक प्रवृत्ति में से एक है, लेकिन यह कभी-कभी समस्याएं उत्पन्न कर सकता है, जैसे कि अंडों की ब्रेकेज और मुर्गी के स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाली अन्य स्वास्थ्य समस्याएं। निम्नलिखित हैं कुछ सुझाव इस समस्या को समाधान करने के लिए:

उपाय:

  1. अंडे के लिए उचित नेस्टिंग स्पेस (Proper Nesting Space):
    • मुर्गियों को अंडे देने के लिए उचित नेस्टिंग बॉक्सेस या स्थान प्रदान करें, जो उन्हें सुरक्षित और सुखद महसूस करें।
  2. संतुलित पोषण (Balanced Nutrition):
    • मुर्गियों को संतुलित आहार प्रदान करें, जिससे उनका प्रजनन प्रणाली स्वस्थ रहे और वे अधिक संवेदनशील हों।
  3. स्थिरता की सुनिश्चितता (Ensuring Stability):
    • अंडे रखने के स्थान को स्थिर और सुरक्षित बनाएं, ताकि मुर्गियों को स्थान पर आत्मविश्वास हो।
  4. व्यक्तिगत ध्यान (Individual Attention):
    • अगर कोई मुर्गी अंडे फर्श पर ही देने का चयन करती है, तो उसको व्यक्तिगत ध्यान दें और उसकी स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
  5. उचित प्रबंधन (Proper Management):
    • अंडे फर्श पर देने की समस्या को नियंत्रित करने के लिए सही प्रबंधन तकनीकों का उपयोग करें, जैसे कि नेस्टिंग मैट और प्रबंधित गर्मी और ऊनका प्रयोग करना।
  6. समृद्धि सामग्री (Enrichment Materials):
    • मुर्गियों को आरामदायक और सुरक्षित महसूस कराने के लिए उनके आस-पास समृद्धि सामग्री प्रदान करें।

अंडे फर्श पर देने की समस्या को सुलझाने के लिए, उपरोक्त उपायों का पालन करें और मुर्गियों को अंडे देने के लिए सुरक्षित और स्वस्थ निवास की सुनिश्चित करें।

मुर्गियों की इन बुरी आदतों का सही समय पर समाधान निकालने से न केवल उनकी सेहत में सुधार होगा, बल्कि अंडों और मांस के उत्पादन में भी वृद्धि होगी। सही देखभाल, पोषण और प्रबंधन से इन समस्याओं को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है।

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